मह ओ सितारा से आगे मक़ाम है जिस का
वो मुश्त-ए-ख़ाक अभी आवारगान-ए-राह में है
“Whose station is beyond the star, that one's His cup of dust is still wandering on the path.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
जिसका मक़ाम चाँद और तारे से आगे है, उसका धूल का प्याला अभी रास्ते पर भटक रहा है।
विस्तार
यह शेर एक बहुत ही गहरे और आला मक़ाम की बात करता है। शायर कह रहे हैं कि जिस इंसान का दर्जा (स्टेटस) चाँद और सितारों से भी ऊपर है, उसके सामने तो मैं, जो बस धूल का कण हूँ और राह पर भटक रहा हूँ, कुछ भी नहीं हूँ। यह पंक्तियाँ हमें याद दिलाती हैं कि सच्ची महानता कहाँ होती है।
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