वही जहाँ है तिरा जिस को तू करे पैदा
ये संग-ओ-ख़िश्त नहीं जो तिरी निगाह में है
“Where you are, there is that which you bring forth, It is not the company or the dust in your gaze.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
वही जगह है जहाँ से तुम पैदा करती हो, यह तुम्हारा साथ या धूल नहीं है जो तुम्हारी नज़र में है।
विस्तार
यह शेर न केवल इश्क़ की बात करता है, बल्कि अस्तित्व की बात करता है। शायर कह रहे हैं कि जिस जगह पर आप अपना जादू चलाते हैं, वह जगह ही आपकी रचना है। जो चीज़ें हमें केवल 'पत्थर और धूल' लगती हैं, वे असल में आपकी नज़र में इतनी शक्ति रखती हैं कि वे ही दुनिया को रच देती हैं। यह नज़र का जादू है, और यह एक गहरा फ़लसफ़ा है।
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