उलट जाएँगी तदबीरें बदल जाएँगी तक़दीरें
हक़ीक़त है नहीं मेरे तख़य्युल की है ख़ल्लाक़ी
“The plans will go wrong, the destinies will change, It is not reality, it is merely my imagination's range.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
तैयारियाँ उलट जाएँगी और तक़दीरें भी बदल जाएँगी, यह हकीकत नहीं है बल्कि मेरे ख़यालों की कल्पना मात्र है।
विस्तार
ये शेर हमें एक बहुत बड़ी सच्चाई से रूबरू कराते हैं। शायर कहते हैं कि इंसान चाहे कितनी भी बड़ी तक़दीर लिख ले, अपनी तदबीरें बना ले... ये सब पल भर का भ्रम है। असल हक़ीक़त, ये जो हमारा वजूद है, ये मेरे ख़यालों का नहीं, ये तो ख़ालिक का कमाल है! एक गहरा फ़लसफ़ा है ये, कि हमें हमेशा रब पर भरोसा रखना चाहिए।
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