तेरे मुहीत में कहीं गौहर-ए-ज़ि़ंदगी नहीं
ढूँड चुका मैं मौज मौज देख चुका सदफ़ सदफ़
“In your embrace, I could not find the pearl of life, / I have searched everywhere, seen every shell.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
तुम्हारे आगोश में कहीं जीवन का मोती नहीं है, / मैं हर लहर और हर शंख को देखकर ढूंढ चुका हूँ।
विस्तार
यह शेर जीवन के गहरे अर्थ की तलाश को बयां करता है। शायर कहते हैं कि जीवन का असली 'गौहर' न तो किसी के दिल में मिल जाएगा, और न ही सिर्फ़ समंदर की लहरों को देखकर। यह एक गहरा एहसास है कि सच्चाई की खोज बाहर नहीं, बल्कि हमारे अंदरूनी जज़्बात और अनुभवों में होती है।
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