Sukhan AI
मेरी नवा-ए-शौक़ से शोर हरीम-ए-ज़ात में
ग़ुल्ग़ुला-हा-ए-अल-अमाँ बुत-कदा-ए-सिफ़ात में

From the fanfare of my desire, a clamor rose within my very being, In the festival of the sublime beauties, the idols of attributes were raised.

अल्लामा इक़बाल
अर्थ

मेरे शौक़ की नवीनता से मेरे अस्तित्व के भीतर शोर मच गया, और अल-अमाँ के उत्सव में गुणों की मूर्तियों को स्थापित किया गया।

विस्तार

यह शेर तीव्र चाहत या जुनून की ऊर्जा को समझाता है। शायर कहते हैं कि जब किसी के अंदर शौक़ की लहर उठती है, तो वह अपने ही वजूद की पवित्रता (हरम-ए-ज़ात) में एक शोर मचा देती है। यह जुनून, हमारे बनाए हुए आदर्शों या गुणों (सिफ़ात) के मूरत या प्रतिमाओं में भी एक शरारत, एक उथल-पुथल पैदा करता है। यह एक आंतरिक उथल-पुथल का बयान है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.