ला फिर इक बार वही बादा ओ जाम ऐ साक़ी — अल्लामा इक़बाल
“Oh, once again, that intoxicating wine and cup, O cupbearer, Let me regain my station, O cupbearer.”
अर्थ
ला फिर एक बार वही मदहोश शराब और प्याला, ऐ साक़ी। मुझे मेरा ठिकाना लौटा दे, ऐ साक़ी।
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ शराब और जाम की बात नहीं करता, बल्कि एक गहरे एहसास को बयां करता है। शायर यहाँ 'साक़ी' से सिर्फ़ बार-बार ये नशीला नज़ारा नहीं मांग रहे हैं। वो तो ये मांग रहे हैं कि मुझे मेरा 'मक़ाम' मिल जाए। मक़ाम सिर्फ़ जगह नहीं है, बल्कि पहचान है... एक आशिक़ को अपनी जगह का एहसास होना ज़रूरी होता है, ताकि उसका वजूद भी इस महफ़िल में शामिल हो सके।
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