निगाह-ए-इश्क़ दिल-ए-ज़िंदा की तलाश में है — अल्लामा इक़बाल
“The gaze of love seeks the heart of the living, Not the prey of the dead, nor the punishment of the magnificent.”
अर्थ
प्रेम की दृष्टि जीवित हृदय की खोज करती है, न कि मृत शिकार या शानदार (महान) का दंड।
विस्तार
यह शेर हमें मोहब्बत की नज़रों की गहराई समझाता है। शायर कहते हैं कि इश्क़ की निगाह किसी मृत चीज़ को नहीं ढूंढती; वह तो ज़िंदा, धड़कते दिल की तलाश में है। और यह तलाश कोई साधारण शिकार नहीं है, बल्कि एक तेज़, निर्णायक वार है—जैसे शहबाज़ (बाज़) का वार! यह इश्क़ की उस ज़बरदस्त ताक़त को बयां करता है, जो रूह तक महसूस होती है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
