Sukhan AI
अगर होता वो 'मजज़ूब'-ए-फ़रंगी इस ज़माने में
तो 'इक़बाल' उस को समझाता मक़ाम-ए-किबरिया क्या है

If he were 'Majzoob'-e-Farangi in this age, 'Iqbal' would make him understand the station of greatness.

अल्लामा इक़बाल
अर्थ

अगर वो 'मजज़ूब-ए-फ़रंगी' इस ज़माने में होता, तो 'इक़बाल' उसे महानता का स्थान समझाता।

विस्तार

यह शेर एक गहरी बात कहता है.... यह कहते हैं कि अगर आज के दौर में कोई व्यक्ति पश्चिमी संस्कृति से बहुत प्रभावित होकर आया, तो शायर उसे समझाते कि असली शान और आत्म-सम्मान (किबरिया) क्या होता है। यह सिर्फ बाहरी दिखावे की बात नहीं है, बल्कि अपनी जड़ों और अपनी पहचान को समझने की बात है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.