जुगनू की रौशनी है काशाना-ए-चमन में — अल्लामा इक़बाल
“Is it the glow of a firefly in the garden's courtyard, Or a candle burning within the gathering of flowers?”
अर्थ
क्या यह आँगन में जुगनू की रोशनी है, या फूलों के समूह में जलती हुई मोमबत्ती है।
विस्तार
यह शेर हमें ज़िंदगी की अनिश्चितता और खूबसूरती के स्रोत पर सोचने को कहता है। शायर पूछते हैं कि यह जो रौशनी है, क्या यह किसी छोटे से जुगनू की चमक है, या फिर किसी जलती हुई मोमबत्ती की? यह सवाल हमें सिखाता है कि कभी-कभी खुशी का स्रोत बहुत छोटा और क्षणिक होता है, और कभी-कभी यह एक स्थिर, अटूट रोशनी होती है। यह कविता हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हमारे जीवन को कौन सी चीज़ रोशन कर रही है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
