हो नक़्श अगर बातिल तकरार से क्या हासिल
क्या तुझ को ख़ुश आती है आदम की ये अर्ज़ानी
“If the talk is an illusion, what is gained from this quarrel? / Does the request of Adam bring you any pleasure?”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
अगर बात ही झूठी है, तो इस झगड़े से क्या मिलेगा? क्या आदम की यह सस्ती गुहार तुम्हें खुश करती है?
विस्तार
यह शेर हमें सोचने पर मजबूर करता है कि अगर हमारा कोई काम या हमारी कोई बात ही झूठी नींव पर टिकी है, तो उसका क्या फायदा? शायर पूछते हैं कि क्या इंसान की ये सादी सी गुहार... क्या ये दिल को सुकून देती है? यह शे'र सिर्फ़ तकरार की बात नहीं करता, बल्कि हर उस प्रयास की बात करता है जो सच्चाई से दूर होता है।
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