उसी तिलिस्म-ए-कुहन में असीर है आदम — अल्लामा इक़बाल

उसी तिलिस्म-ए-कुहन में असीर है आदम बग़ल में उस की हैं अब तक बुतान-ए-अहद-ए-अतीक़

“In that old spell-like enchantment, Adam is captive, By his side, the sacred promise of the ancients still resides.”

— अल्लामा इक़बाल

अर्थ

आदम अभी भी उस पुराने जादू-टोने (तिलिस्म) में फंसा हुआ है, और उसके बगल में अभी भी प्राचीन वचनों (अहद-ए-अतीक़) का वैभव मौजूद है।

विस्तार

यह शेर इंसान की उस अवस्था को समझाता है, जब हम दुनिया के मायाजाल, यानी 'तिलिस्म-ए-कुहन' में फँसे होते हैं। शायर कहते हैं कि हम भले ही किसी भ्रम में कैद हों, लेकिन एक बात अटल है। हमारे साथ, हमेशा उस शाश्वत वादे का एक मैदान मौजूद है। यह हमें याद दिलाता है कि जीवन की उलझनों के बावजूद, सत्य और उम्मीद का धागा कभी नहीं टूटता।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.