तू है मुहीत-ए-बे-कराँ मैं हूँ ज़रा सी आबजू
या मुझे हम-कनार कर या मुझे बे-कनार कर
“You are afflicted with endless shores; I am just a little stream. Either make me confined to a bank, or make me boundless.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
तुम हैं अथाह किनारों से भरा हुआ; मैं बस एक छोटी सी धारा हूँ। या तो मुझे किनारे से बाँध दो, या मुझे बे-किनारा कर दो।
विस्तार
यह शेर दिल की गहरी उलझन को बयान करता है। शायर कहते हैं कि महबूब की मोहब्बत एक अथाह सागर की तरह है, और मैं उस सागर में एक छोटी सी बूँद जैसा हूँ। मैं इतना उलझ गया हूँ कि अब मैं किसी भी नतीजे को स्वीकार करने को तैयार हूँ—या तो किनारे पर शांति मिल जाए, या फिर बहकर पूरी तरह आज़ाद हो जाऊँ। यह किसी भी तरह की निर्णायकता की गुहार है।
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