तारों की फ़ज़ा है बे-कराना
तू भी ये मक़ाम-ए-आरज़ू कर
“The atmosphere is of the stars, so don't deny it, You too should achieve this station of desire.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
तारों की फ़ज़ा है बे-कराना, तू भी ये मक़ाम-ए-आरज़ू कर। (अर्थात, वातावरण तारों जैसा अद्भुत है, इसलिए तुम्हें भी इच्छाओं का यह स्थान प्राप्त करना चाहिए।)
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ तारों की बात नहीं करता, बल्कि ये इंसान के हौसले की बात करता है। शायर कहते हैं कि जिस तरह आसमान में तारे बे-कराना होते हैं, हमारी आरज़ूएँ भी वैसी ही होनी चाहिए। हमें अपनी ख्वाहिशों की कोई सीमा नहीं माननी चाहिए। यह शेर हमें बताता है कि अपने सपनों को इतना बड़ा बनाओ कि उन्हें कोई रोक न पाए।
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