इक जुनूँ है कि बा-शुऊर भी है
इक जुनूँ है कि बा-शुऊर नहीं
“There is a passion that is also sensible, There is a passion that is not sensible.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
एक जुनून है जो समझदार भी है, एक जुनून है जो समझदार नहीं।
विस्तार
यह शेर जुनून और होश के बीच के गहरे अंतर को समझाता है। शायर कहते हैं कि जुनून दो तरह का होता है। एक जुनून होता है, जो हमें पता होता है कि हम क्या कर रहे हैं, वह बा-शुऊर (conscious) होता है। और दूसरा जुनून... वो बिना किसी कारण, बस एक जंगली एहसास होता है! यह इंसानी जज़्बात की उलझन है, जहाँ समझ और बेसमझी दोनों का ज़िक्र है।
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