फला-फूला रहे या-रब चमन मेरी उमीदों का
जिगर का ख़ून दे दे कर ये बूटे मैं ने पाले हैं
“May the Lord keep blossoming the garden of my hopes, I have nurtured these saplings, so let me give my heart's blood.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
हे रब, मेरे उम्मीदों का यह बाग खिलता रहे, मैंने इन पौधों को सींचा है, इसलिए मैं अपना जिगर का खून दे दूँगा।
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ शब्दों का खेल नहीं है, बल्कि दिल की गहराई से किया गया एक इज़हार है। शायर कहते हैं कि उनकी उम्मीदों का बाग़ महकता रहे, क्योंकि इन नन्हे पौधों को उन्होंने सिर्फ़ पानी से नहीं, बल्कि अपने जिगर के ख़ून से सींचा है। यह समर्पण की पराकाष्ठा है, जो बताती है कि ख्वाबों को ज़िंदा रखना कितना महंगा सौदा होता है।
