ब-रंग-ए-शम्अ जिस ने दिल जलाया तेरी धुन में — ख़्वाजा हैदर अली आतिश
“Whoever, like a candle, burned his heart in longing for You, he found the goal of all desire beneath his very feet.”
अर्थ
जिसने शम्अ की तरह तेरी धुन में अपना दिल जलाया, उसने अपनी मंज़िल-ए-मक़्सूद को अपने क़दमों के नीचे पा लिया।
विस्तार
इस शेर में शमा यानी मोमबत्ती की मिसाल दी गई है। जैसे मोमबत्ती ख़ामोशी से ख़ुद को जलाती रहती है, वैसे ही शायर कहते हैं कि जिसने तेरी चाहत और तेरी धुन में अपना दिल जलाया, उसी लगन और क़ुर्बानी के साथ, उसने अपनी मंज़िल पा ली। जिस मुराद को वह पाना चाहता था, वह उसके क़दमों में आ गई। बात बहुत सीधी और दिल को छू लेने वाली है। सच्चा इश्क़ क़ुर्बानी माँगता है। जब आप ख़ुद को पूरी तरह किसी मक़सद या महबूब के हवाले कर देते हैं, तो वही जलना रास्ता बन जाता है। वह दर्द बेकार नहीं जाता, वही राह रोशन करता है।
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