मक़्ता-ए-सिलसिला-ए-शौक़ नहीं है ये शह्र
अज़्म-ए-सैर-ए-नजफ़-ओ-तौफ़-ए-हरम है हम को
“This city is not the end of our chain of longing,Our resolve is set on Najaf's journey and the Haram's circling.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
यह शहर हमारी इच्छाओं की शृंखला का अंत नहीं है। हमारा दृढ़ संकल्प है कि हम नज़फ़ की यात्रा करें और हरम का तवाफ़ करें।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
