“The greedy heart's desire by union only grew, The wine's foam on the cup's rim is thirst's fierce passion, true.”
मिलन से लालची दिल की इच्छा और बढ़ गई; प्याले के होंठ पर शराब का झाग प्यास का जोश है।
हुआ विसाल से शौक़-ए-दिल-ए-हरीस ज़ियादा लब-ए-क़दह पे कफ़-ए-बादा जोश-ए-तिश्ना-लबी है Hua visaal se shauq-e-dil-e-harees ziyaada Lab-e-qadah pe kaf-e-baada josh-e-tishna-labi hai. मिलन के बाद लालची दिल की चाहत और भी बढ़ गई है। शराब के प्याले के किनारे पर जो झाग है, वह प्यास की तेज़ी की तरह है। विसाल का अर्थ है मिलन, हरीस का मतलब है लालची या जिसे संतोष न हो, क़दह प्याले को कहते हैं और तिश्ना-लबी का मतलब है प्यास की शिद्दत से होंठों का सूखना। [आह] मेरे दोस्त, ग़ालिब यहाँ दिल की एक अजीब बात बता रहे हैं। हम सोचते हैं कि जिसे हम चाहते हैं, वह मिल जाए तो दिल को चैन आ जाएगा। [छोटा ठहराव] मगर हकीकत में, मिलन के बाद चाहत और भी बढ़ जाती है। प्यास कम होने के बजाय और गहरी हो जाती है। [छोटा ठहराव] वे कहते हैं कि शराब के प्याले के ऊपर का झाग ऐसा लगता है जैसे प्याला खुद और पीने के लिए तड़प रहा हो। यह वैसी ही बात है कि जब आप किसी से बहुत प्यार करते हैं, तो उनका पास होना आपकी भूख मिटाता नहीं, बल्कि उसे और बढ़ा देता है। आप जितना करीब जाते हैं, उतना ही और करीब जाने की तमन्ना जागती है। यह हमारे दिल की वह भूख है जो मिलने से और तेज़ हो जाती है। यह उस आग की तरह है जिसे बुझाने के लिए जितना पानी डालो, वह उतनी ही तेज़ होती जाती है क्योंकि वह प्यास ही उसकी खुराक है। असली प्यास वह है जो मंज़िल मिलने के बाद और भी बढ़ जाए।
