ज़ौक़-ए-सरशार से बे-पर्दा है तूफ़ाँ मेरा
मौज-ए-ख़म्याज़ा है हर ज़ख़्म नुमायाँ मेरा
“My tempest, by ecstatic passion, stands revealed and bare,Each prominent wound of mine, a weary stretch, a lingering yawn of care.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मेरा तूफ़ान अत्यधिक उत्साह के कारण बेपर्दा है। मेरा हर ज़ाहिर ज़ख़्म एक उबासी की लहर है, जो थकान या किसी परिणाम को दर्शाता है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
