बुत-परस्ती है बहार-ए-नक़्श-बंदी-हा-ए-दह्र
हर सरीर-ए-ख़ामा में यक नाला-ए-नाक़ूस था
“Idol worship is the glory of the world's creations; in every scratch of the pen, a conch's lamentations.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
बुत-परस्ती दुनिया की कलाकृतियों और बनावटों की शोभा है। कलम की हर खरोंच में एक शंख का विलाप समाया हुआ था।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
