तब' की वाशुद ने रंग-ए-यक-गुलिस्ताँ गुल किया
ये दिल-ए-वाबस्ता गोया बैज़ा-ए-ताऊस था
“My nature's blossoming extinguished the colours of an entire garden; This attached heart of mine was, as it were, a peacock's egg.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मेरी प्रकृति के खिलने ने एक पूरे बाग के रंगों को बुझा दिया। मेरा यह आसक्त हृदय मानो मोर का अंडा था, जिसमें छिपी हुई क्षमता या सुंदरता थी।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
