“The dignity of a desireless heart's anguish, a star that reaches high, should I call it a mere blemish on the shadow of Huma's wing?”
इच्छाहीन हृदय की पीड़ा का स्थापित गौरव है; क्या मैं भाग्य को हुमा पक्षी के पंख की परछाई का दाग़ कहूँ?
इक़बाल-ए-कुल्फ़त-ए-दिल-ए-बे-मुद्द'आ रसा, अख़्तर को दाग़-ए-साया-ए-बाल-ए-हुमा कहूँ। बिना किसी इच्छा वाले दिल के दुख की सफलता अपनी ऊँचाई पर पहुँच गई है। क्या मैं अपनी किस्मत के सितारे को हुमा पक्षी के पंख की छाया का दाग कहूँ? कुल्फ़त का अर्थ है परेशानी या रंज, बे-मुद्द'आ का मतलब है जिसकी कोई चाहत न हो, और हुमा एक काल्पनिक पक्षी है जिसकी छाया को बहुत शुभ माना जाता है। ज़रा सोचिए कि आपने दुनिया से उम्मीदें लगाना बिलकुल छोड़ दिया है। आपके मन में कोई लालच नहीं बचा। फिर भी एक उदासी है जो आपका पीछा नहीं छोड़ती। ग़ालिब कह रहे हैं कि यह उदासी अब इतनी बड़ी हो गई है कि यह एक उपलब्धि बन गई है। यह वैसी बात है जैसे कोई इंसान हारते-हारते इतना थक जाए कि उसे अपनी हार में ही एक तरह का सुकून मिलने लगे। वह अपनी किस्मत को एक ऐसे निशान की तरह देखता है जो आया तो था खुशी देने, पर पीछे सिर्फ एक दाग छोड़ गया। EXAMPLE / PARALLEL यह वैसा ही है जैसे किसी पुराने खंडहर को देखकर लोग कहें कि यहाँ कभी महल था, पर अब वह सिर्फ यादों का एक बोझ है। कभी-कभी खाली हाथ होना ही सबसे बड़ा सहारा बन जाता है।
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