तमाशा करदनी है लुत्फ़-ए-ज़ख़्म-ए-इंतिज़ार ऐ दिल
सुवैदा दाग़-ए-मर्हम मर्दुमुक है चश्म-ए-सोज़न में
“O heart, the delight of the wound of waiting is a sight to behold;The pupil in the needle's eye is but the dark mark of balm.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
ऐ दिल, इंतज़ार के ज़ख़्म का आनंद देखने लायक है। सुई के छेद में जो पुतली है, वह मरहम का एक काला निशान मात्र है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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