'असद' ब-नाज़ुकी-ए-तब'-ए-आरज़ू इंसाफ़
कि एक वह्म-ए-ज़'ईफ़-ओ-ग़म-ए-दो-'आलम है
“Asad, consider longing's nature, so fine and so frail,A weak illusion, yet two worlds' sorrow it does entail.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
असद, आरज़ू (इच्छा) के स्वभाव की नाजुकता पर विचार कर कि यह एक कमज़ोर भ्रम मात्र है, फिर भी इसमें दोनों जहानों का दुख समाया हुआ है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
← Prev7 / 7
