नहीं बर्क़-ओ-शरर जुज़ वहशत-ए-ज़ब्त-ए-तपीदन-हा
बिला गर्दान-ए-बे-परवा ख़रामी-हा-ए-यार आतिश
“No lightning and sparks, but the frenzy of suppressed throbbings;This fire is the propitiation for the beloved's heedless gaits.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
यह बाहरी बिजली और चिंगारी नहीं है, बल्कि दबी हुई धड़कनों की गहन बेचैनी है। यह आंतरिक अग्नि प्रियतम की बेपरवाह चालों के लिए एक सुरक्षात्मक बलि/उपाय है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
