न पूछ सीना-ए-आशिक़ से आब-ए-तेग़-ए-निगाह — मिर्ज़ा ग़ालिब

न पूछ सीना-ए-आशिक़ से आब-ए-तेग़-ए-निगाह कि ज़ख्म-ए-रौज़न-ए-दर से हवा निकलती है

“Ask not the lover's breast of the sharp, wounding gaze, For from a door's mere crack, but air escapes its ways.”

— मिर्ज़ा ग़ालिब

अर्थ

प्रेमी के सीने से तीखी नज़र के वार के बारे में मत पूछो, क्योंकि दरवाज़े की दरार के घाव से बस हवा ही निकलती है।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.