ब-रंग-ए-शीशा हूँ यक-गोश-ए-दिल-ए-ख़ाली
कभी परी मिरी ख़ल्वत में आ निकलती है
“I am like glass, a solitary, empty corner of the heart,Sometimes a fairy appears in my seclusion.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मैं शीशे के समान, दिल का एक खाली कोना हूँ। कभी एक परी मेरी एकांत में आ निकलती है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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