Sukhan AI
ख़ुर शबनम-आश्ना न हुआ वर्ना मैं 'असद'
सर-ता-क़दम गुज़ारिश-ए-ज़ौक़-ए-सुजूद था

The sun knew no acquaintance with the dew, else I, 'Asad',From head to toe, was an ardent plea for prostration's ecstasy.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

सूर्य शबनम से परिचित नहीं हुआ, अन्यथा मैं, असद, सर से पाँव तक सजदे के आनंद की विनती था।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.

← Prev14 / 14