रात दिन गर्दिश में हैं सात आसमाँ — मिर्ज़ा ग़ालिब

रात दिन गर्दिश में हैं सात आसमाँ हो रहेगा कुछ न कुछ घबराएँ क्या

“Day and night the seven heavens revolve,Something will happen; why should we then be afraid?”

— मिर्ज़ा ग़ालिब

अर्थ

रात-दिन सातों आसमान घूम रहे हैं। कुछ न कुछ तो अवश्य होगा, फिर हम क्यों घबराएँ?

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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