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ग़ज़ल

हुस्न-ए-मह गरचे ब-हंगाम-ए-कमाल अच्छा है

حسنِ ماہ گرچہ بہ ہنگامِ کمال اچھا ہے
मिर्ज़ा ग़ालिब· Ghazal· 10 shers· radif: है

यह ग़ज़ल महबूब की बेमिसाल सुंदरता की प्रशंसा करती है, उसे चाँद की पूर्णता से भी बढ़कर बताती है। इसमें महबूब के चंचल स्वभाव का भी चित्रण है, जो स्नेह देने में हिचकिचाते हैं पर मुफ़्त मिलने वाली चीज़ों को ज़्यादा क़ीमती समझते हैं। कवि साधारण सुखों और बिना माँगे मिलने वाले सम्मान को प्राथमिकता देता है।

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1
हुस्न-ए-मह गरचे ब-हंगाम-ए-कमाल अच्छा है उस से मेरा मह-ए-ख़ुर्शीद-जमाल अच्छा है
चंद्रमा का सौंदर्य अपने चरम पर अच्छा होता है, लेकिन उससे भी बेहतर मेरा महबूब है जिसका मुख चंद्रमा जैसा और सुंदरता सूर्य जैसी है।
2
बोसा देते नहीं और दिल पे है हर लहज़ा निगाह जी में कहते हैं कि मुफ़्त आए तो माल अच्छा है
वे चुम्बन नहीं देते, पर हर पल उनकी निगाह मेरे दिल पर है। वे मन ही मन कहते हैं कि यदि यह मुफ़्त में मिल जाए तो अच्छा है।
3
और बाज़ार से ले आए अगर टूट गया साग़र-ए-जम से मिरा जाम-ए-सिफ़ाल अच्छा है
मेरा मिट्टी का प्याला जमशेद के शाही प्याले से बेहतर है, क्योंकि अगर वह टूट जाए तो उसे बाज़ार से दोबारा खरीदा जा सकता है।
4
बे-तलब दें तो मज़ा उस में सिवा मिलता है वो गदा जिस को न हो ख़ू-ए-सवाल अच्छा है
यदि बिना मांगे कुछ दिया जाए तो उसमें अधिक आनंद आता है। वह भिखारी प्रशंसनीय है जिसे मांगने की आदत न हो।
5
उन के देखे से जो आ जाती है मुँह पर रौनक़ वो समझते हैं कि बीमार का हाल अच्छा है
उनके देखने से जो चेहरे पर चमक आ जाती है, वे (महबूब) समझते हैं कि बीमार (आशिक़) का हाल अच्छा है।
6
देखिए पाते हैं उश्शाक़ बुतों से क्या फ़ैज़ इक बरहमन ने कहा है कि ये साल अच्छा है
आइए देखें कि प्रेमी अपनी मूर्तियों से क्या लाभ प्राप्त करते हैं। एक ब्राह्मण ने कहा है कि यह साल अच्छा है।
7
हम-सुख़न तेशा ने फ़रहाद को शीरीं से किया जिस तरह का कि किसी में हो कमाल अच्छा है
फ़रहाद के बात करने वाले कुल्हाड़े ने उसे शीरीं से मिलवाया। किसी में भी जिस तरह का कमाल हो, वह अच्छा होता है।
8
क़तरा दरिया में जो मिल जाए तो दरिया हो जाए काम अच्छा है वो जिस का कि मआल अच्छा है
जिस तरह एक बूंद नदी में मिलकर नदी बन जाती है, उसी तरह वह कार्य अच्छा होता है जिसका अंतिम परिणाम अच्छा हो।
9
ख़िज़्र-सुल्ताँ को रखे ख़ालिक़-ए-अकबर सरसब्ज़ शाह के बाग़ में ये ताज़ा निहाल अच्छा है
महान निर्माता ख़िज़्र-सुल्ताँ को सदा हरा-भरा और समृद्ध रखे। बादशाह के बाग़ में यह ताज़ा पौधा सचमुच एक प्यारा दृश्य है।
10
हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
हमें जन्नत की असलियत मालूम है, लेकिन दिल को खुश रखने के लिए, ‘ग़ालिब’, यह विचार अच्छा है।
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