मोहब्बत में नहीं है फ़र्क़ जीने और मरने का
उसी को देख कर जीते हैं जिस काफ़िर पे दम निकले
“In love, there is no difference between living and dying; we live by gazing at the very infidel for whom our last breath departs.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मोहब्बत में जीने और मरने में कोई अंतर नहीं है। हम उसी काफ़िर को देखकर जीते हैं जिस पर हमारा दम निकलता है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
