मुहाबा क्या है मैं ज़ामिन इधर देख
शहीदान-ए-निगह का ख़ूँ-बहा क्या
“What is favoritism? Look here, I am the guarantor. What is the blood-money for those martyred by your gaze?”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
पक्षपात क्या है? इधर देखो, मैं ज़ामिन हूँ। तुम्हारी नज़र से शहीद हुए लोगों का ख़ून-बहा क्या होगा?
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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