दिल-ए-हर-क़तरा है साज़-ए-अनल-बहर
हम उस के हैं हमारा पूछना क्या
“The heart of every drop declares 'I am the sea!'We are His; what question remains of 'we'?”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हर बूंद का दिल 'मैं सागर हूँ' का उद्घोष है। हम उसी के हैं, तो हमारे बारे में क्या पूछना है?
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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