है नाज़-ए-मुफ़्लिसाँ ज़र-ए-अज़-दस्त-रफ़्ता पर
हूँ गुल-फ़रोश-ए-शोख़ी-ए-दाग़-ए-कोहन हुनूज़
“The impoverished take pride in wealth that slipped their hold,I still purvey the charm of old wounds, lively and bold.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
गरीब लोग अपने खोए हुए धन पर गर्व करते हैं। मैं अभी भी अपने पुराने ज़ख्मों की चंचलता और आकर्षण को प्रस्तुत करता हूँ।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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