Sukhan AI
शर्म-ए-रुस्वाई से जा छुपना नक़ाब-ए-ख़ाक में
ख़त्म है उल्फ़त की तुझ पर पर्दा-दारी हाए हाए

From shame of public disgrace, to go and hide in the dust's dark veil,On you ends love's art of secrecy, alas, alas!

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

रुस्वाई की शर्म से मिट्टी के नक़ाब (कब्र) में जाकर छिपना पड़ा। मोहब्बत की परदादारी तुझ पर ही खत्म हो गई है, हाए हाए।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.