ख़ाक में नामूस-ए-पैमान-ए-मोहब्बत मिल गई
उठ गई दुनिया से राह-ओ-रस्म-ए-यारी हाए हाए
“The honour of love's covenant has mingled with the dust,From the world, friendship's customs are lost, alas, alas!”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मोहब्बत के वादे की इज़्ज़त मिट्टी में मिल गई है। दुनिया से दोस्ती के तौर-तरीक़े उठ गए हैं, हाय हाय!
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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