आशिक़ हूँ प माशूक़-फ़रेबी है मिरा काम
मजनूँ को बुरा कहती है लैला मिरे आगे
“I am a lover, but deceiving the beloved is my art,Laila herself speaks ill of Majnun, before my heart.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मैं आशिक़ हूँ पर माशूक़ को धोखा देना मेरा काम है। लैला मेरे सामने मजनूँ को बुरा कहती है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
