हैरत-ए-आइना अंजाम-ए-जुनूँ हूँ ज्यूँ शम'
किस क़दर दाग़-ए-जिगर शो'ला उठाता है मुझे
“Like a candle, I'm a mirror to madness's fate, in wonder lost,How much fire do these heart-wounds for me now raise, at what cost!”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मैं एक मोमबत्ती की तरह हूँ, दीवानगी के अंजाम पर हैरान एक आईना। मेरे दिल के ज़ख्म मेरे लिए कितनी आग पैदा करते हैं।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
