Sukhan AI
जौहर-ए-तेग़ ब-सर-चश्म-ए-दीगर मालूम
हूँ मैं वो सब्ज़ा कि ज़हराब उगाता है मुझे

The sword's true essence, another eye may see;I am that verdure, which poison-water grows in me.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

तलवार का असली जौहर किसी और नज़र से ही मालूम होता है। मैं वह पौधा हूँ जिसे ज़हरीला पानी उगाता है।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.