“Your mischief, it reveals our state, our heart's deep, hidden plea,A fingertip's thin veil it is, for secrets shattered for all to see.”
तेरी शोखी हमारा हाल बता देती है। सौ टुकड़ों में टूटे दिल के राज़ की पर्दा खोलने वाली उंगली है।
शोख़ी तिरी कह देती है अहवाल हमारा / राज़-ए-दिल-ए-सद-पारा की है पर्दा दर-ए-अंगुश्त Shokhi teri keh deti hai ahwaal hamara, Raaz-e-dil-e-sad-paara ki hai parda dar-e-angusht. तुम्हारी चंचलता मेरा हाल बता देती है। मेरे सौ टुकड़ों में टूटे दिल का राज़ तुम्हारी उँगली खोल रही है। यहाँ शोख़ी का मतलब शरारत है, अहवाल यानी मेरी स्थिति, सद-पारा का अर्थ है सौ टुकड़े, और अंगुश्त उँगली को कहते हैं। मेरे दोस्त, ग़ालिब यहाँ एक बहुत ही प्यारी बात कह रहे हैं। कल्पना करो कि तुम अपना टूटा हुआ दिल छुपा कर महफ़िल में बैठे हो। तुम नहीं चाहते कि किसी को पता चले कि तुम दुखी हो। लेकिन तुम्हारी प्रेमिका इतनी नटखट और चंचल है कि उसकी शरारतें तुम्हें मजबूर कर देती हैं। उसकी उँगलियों का एक छोटा सा इशारा या उसकी छेड़खानी तुम्हारे उस पर्दे को हटा देती है जो तुमने अपने ज़ख्मों पर डाला था। उसकी शोख़ी ही वो वजह बन जाती है जिससे दुनिया को तुम्हारे दिल का हाल पता चल जाता है। यह दुख और शरारत का एक अनोखा संगम है। यह वैसा ही है जैसे कोई बच्चा खेल-खेल में उस राज़ को उजागर कर दे जिसे आप सालों से सीने में दबाए बैठे थे। कभी-कभी अपनों की मासूम शरारत हमारे गहरे से गहरे राज़ को बेनकाब कर देती है।
