“If in my heart no blood remains, then what can be so strange?Each finger writhes, a fish beyond its watery range.”
अगर मेरे दिल में खून बाकी नहीं रहा तो इसमें अचरज क्या है? (क्योंकि) मेरी हर उँगली पानी के बिना मछली की तरह तड़पती है।
ख़ूँ दिल में जो मेरे नहीं बाक़ी तो 'अजब क्या / जूँ माही-ए-बे-आब तड़पती है हर अंगुश्त Romanized: Khoon dil mein jo mere nahin baqi to ajab kya / joon mahi-e-be-aab tadapti hai har angusht. अगर मेरे दिल में खून नहीं बचा तो इसमें कोई हैरानी नहीं है। मेरी तो हर उंगली बिना पानी की मछली की तरह तड़प रही है। 'अजब' का अर्थ है हैरान करने वाला, 'माही-ए-बे-आब' का मतलब है बिना पानी की मछली, और 'अंगुश्त' उंगली को कहते हैं। मेरे दोस्त, ग़ालिब यहाँ उस बेचैनी की बात कर रहे हैं जब इंसान का दर्द उसके दिल से निकलकर उसके पूरे वजूद में फैल जाता है। वो कह रहे हैं कि उन्होंने इतना लिखा या इतना दर्द सहा कि दिल खाली हो गया है और वो सारा दर्द अब उनकी उंगलियों में महसूस हो रहा है। जैसे जब हम बहुत घबराए हुए होते हैं तो हमारे हाथ कांपने लगते हैं। उनकी उंगलियां कलम पकड़ते हुए वैसे ही फड़फड़ा रही हैं जैसे पानी से बाहर तड़पती हुई मछली। यह केवल दुख नहीं है, यह एक ऐसी तड़प है जो अब उनके शरीर का हिस्सा बन गई है और उन्हें चैन नहीं लेने देती। EXAMPLE / PARALLEL यह उस संगीतकार की तरह है जिसके दिल में अब कोई शब्द नहीं बचे, लेकिन उसके हाथ साज़ के तारों पर एक अजीब सी बेताबी के साथ नाच रहे हैं। LINE जब दिल का लहू सूख जाता है, तब उंगलियाँ उसकी कहानी कहने के लिए तड़प उठती हैं।
