Sukhan AI
हो फ़िशार-ए-ज़ोफ़ में क्या ना-तवानी की नुमूद
क़द के झुकने की भी गुंजाइश मिरे तन में नहीं

In weakness's crushing grip, what new infirmity can show?My body holds no space for my stature to even bend low.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

कमज़ोरी के दबाव में लाचारी का क्या इज़हार होगा? मेरे शरीर में मेरे क़द के झुकने तक की भी गुंजाइश नहीं बची है।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.