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उसकी ललती ढलती काया; कैसे ढाँके भी ना ढँक पाए।

Her swaying, bending form; Cannot be covered, nor concealed.

गनी दहींवाला
अर्थ

उसकी लचकती और ढलती काया (शरीर) किसी भी तरह ढँकी नहीं जा सकती या छिपाई नहीं जा सकती है।

विस्तार

यह खूबसूरत दोहा एक मनमोहक उपस्थिति का जीवंत चित्रण करता है। यह एक ऐसे रूप की बात करता है, संभवतः किसी व्यक्ति के हाव-भाव या शारीरिक सौष्ठव की, जो स्वाभाविक रूप से लचीला और मनभावन है – 'लचकती और ढलती हुई काया'। कवि कहते हैं कि यह प्राकृतिक आकर्षण इतना प्रबल, इतना गहरा है कि इसे किसी भी तरह से छिपाया या ढका नहीं जा सकता, चाहे कितनी भी कोशिश की जाए। यह एक ऐसे अदम्य सौंदर्य और आकर्षण का उत्सव है जो सहजता से चमक उठता है, जिसे रोकना असंभव है। यह एक ऐसी चमकदार पहचान का बोध कराता है जो ध्यान आकर्षित करती है और एक स्थायी छाप छोड़ती है, एक आंतरिक प्रकाश को प्रकट करती है जिसे मंद करना असंभव है।

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