उसकी अंगिया सौ-सौ चीथड़ों में,सर पर उड़ते ओढ़नी के चीरे।
“Her bodice in a hundred tatters,Her headscarf flies in shredded parts.”
— गनी दहींवाला
अर्थ
उसकी चोली सौ-सौ चिथड़ों में है, और उसके सिर पर ओढ़नी के टुकड़े उड़ रहे हैं।
विस्तार
यह दोहा अत्यधिक गरीबी का एक मार्मिक चित्रण प्रस्तुत करता है। इसमें एक ऐसी महिला का वर्णन है जिसकी चोली सैकड़ों टुकड़ों में फटी हुई है, जो उसकी दयनीय स्थिति को दर्शाता है। उसकी ओढ़नी, जो एक सामान्य वस्त्र है, वह भी टुकड़ों में होकर उसके सिर के चारों ओर उड़ रही है। यह बिम्ब कठिनाई और अभाव की भावना जगाता है, बुनियादी ज़रूरतों की कमी को उजागर करता है। यह किसी ऐसे व्यक्ति का हृदयस्पर्शी चित्रण है जो अत्यधिक कष्ट सह रहा है, जहाँ उसके वस्त्र भी उसके कठिन जीवन की गवाही देते हैं।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
