“Upon their head, all wild and askew,As if a jungle bush had grown.”
उस व्यक्ति के बाल बहुत उलझे और बिखरे हुए हैं, मानो सिर पर कोई जंगली झाड़ी उग आई हो।
यह दोहा किसी ऐसे व्यक्ति के बालों का बड़ा ही सजीव चित्रण करता है, जिनके बाल बहुत ही बिखरे हुए और उलझे हुए हैं। इसमें उनके बालों को 'टेढ़ा-मेढ़ा और उलझा हुआ' बताया गया है, जैसे उनके सिर पर सचमुच जंगल की कोई झाड़ी उग आई हो। यह एक मज़ाकिया और स्पष्ट तरीका है यह कहने का कि उनके बाल पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हैं, शायद कंघी नहीं की गई है या वे स्वाभाविक रूप से बहुत ही बेकाबू हैं, जिससे उन्हें एक जंगली या अनगढ़ रूप मिलता है।
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