“The virtuous like the company of the virtuous,Their mind finds peace only in such a place, nowhere else.”
गुणवान व्यक्ति को गुणवानों का साथ पसंद आता है। उनका मन ऐसी ही जगह में शांति पाता है, कहीं और नहीं।
यह दोहा हमें सिखाता है कि अच्छे गुण वाले और सदाचारी लोगों को उन्हीं जैसे अन्य गुणवान लोगों की संगति पसंद आती है। ऐसे लोगों के साथ रहकर ही उनका मन शांति और संतुष्टि पाता है। यह ऐसा है जैसे उन्हें एक शांत जगह मिल गई हो जहाँ उनकी आत्मा को सुकून मिलता है। वे किसी और जगह पर वैसी सहजता या अपनापन महसूस नहीं करते। यह दर्शाता है कि हमारे कल्याण के लिए ऐसे लोगों से घिरा रहना कितना महत्वपूर्ण है जो हमें प्रेरित करते हैं और हमारे मूल्यों को साझा करते हैं, एक ऐसा स्थान बनाते हैं जहाँ हमारा हृदय वास्तव में स्थिर हो सके और आनंद पा सके।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
