सनम-कदे में भी है हुस्न इक ख़ुदाई का — दाग़ देहलवी
“Even in the temple of idols dwells a beauty so divine, that every face that emerges appears like a fairy.”
अर्थ
बुतख़ाने में भी ईश्वरीय सौंदर्य की एक झलक मौजूद है, क्योंकि वहाँ से जो भी चेहरा सामने आता है वह किसी परी जैसा ही दिखाई देता है।
विस्तार
शायर यहाँ एक ख़ूबसूरत और रूहानी बात कह रहे हैं कि बुतख़ाने जैसी दुनियावी जगह में भी उसी ख़ुदा का नूर और कारीगरी झलक रही है। वहाँ से निकलने वाला हर हसीन चेहरा परी जैसा लगता है, जो दरअसल उसी रब की असीम ख़ूबसूरती का आईना है। यह शेर हमें सिखाता है कि अगर देखने वाली आँख में मुहब्बत और गहराई हो, तो इंसान को हर हुस्न में उसी मालिक का दीदार होता है।
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