आ गया ग़श निगाह देखते ही — दाग़ देहलवी
“A swoon overcame me the instant I met that gaze; when did my heart's plea ever pass my lips?”
अर्थ
उनकी नज़र देखते ही मुझ पर बेहोशी छा गई, ऐसे में दिल की बात भला ज़ुबान से कब निकल पाती।
विस्तार
सोचिए कि आप दिल की बात कहने की कितनी तैयारी करके गए हों, लेकिन महबूब की एक नज़र पड़ते ही होश-ओ-हवास खो बैठें। यह शेर इश्क़ की उसी बेबसी और गहरे असर को बयां करता है, जहाँ महबूब की आँखों की कशिश इतनी तीव्र है कि आशिक़ बेसुध हो जाता है। दिल का अरमान दिल में ही रह गया, क्योंकि बात ज़ुबान तक पहुँचने से पहले ही उस एक कातिलाना निगाह ने अपना काम कर दिया।
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