उम्र-ए-जावेद ख़िज़्र को बख़्शी — दाग़ देहलवी

उम्र-ए-जावेद ख़िज़्र को बख़्शी आब-ए-हैवाँ पिला दिया तू ने

“You granted Khizr life eternal, making him drink from the nectar of immortality.”

— दाग़ देहलवी

अर्थ

तूने ख़िज़्र को आब-ए-हयात (अमरता का जल) पिलाकर हमेशा की ज़िंदगी अता कर दी।

विस्तार

इस शे'र में हज़रत ख़िज़्र की मशहूर रिवायत का ज़िक्र है, जिन्हें 'आब-ए-हयात' यानी अमरता का जल पिलाकर हमेशा की ज़िंदगी बख़्शी गई। शायर यहाँ ख़ुदा या महबूब की उस असीम इनायत को याद कर रहा है, जो किसी आम फ़ानी इंसान को भी हमेशा के लिए अमर कर सकती है। यह शेर उस रूहानी फ़ैज़ की बात करता है जो ज़िंदगी को वक़्त की बंदिशों से आज़ाद करके एक लाज़वाल मक़ाम दे देता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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