क्या बताऊँ कि क्या लिया मैं ने — दाग़ देहलवी

क्या बताऊँ कि क्या लिया मैं ने क्या कहूँ मैं की क्या दिया तू ने

“How can I tell what I have taken? How can I say what you have given?”

— दाग़ देहलवी

अर्थ

मैं कैसे बताऊँ कि मैंने क्या लिया या पाया है, और मैं शब्दों में कैसे कहूँ कि तुमने मुझे क्या दिया है।

विस्तार

यह शेर उस ख़ामोश और गहरे अहसास को छूता है जहाँ महबूब या ख़ुदा की दी हुई नेमतों के आगे अल्फ़ाज़ कम पड़ जाते हैं। आशिक़ यह समझ ही नहीं पा रहा कि उसे क्या कुछ मिल गया है—बेपनाह प्यार, हिज्र का मीठा दर्द या कोई रूहानी तसल्ली। यहाँ देने वाले की बेहिसाब रहमत और पाने वाले की कृतज्ञता दोनों ही इतनी असीम हैं कि ज़ुबान बस अचरज में ठहर कर रह जाती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.